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दसà¥à¤¤ होने पर ओआरà¤à¤¸ का घोल 2 माह से 6 माह तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चार से पांच चमà¥à¤®à¤š, 7 माह से 2 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को 50 से 100 à¤à¤®à¤à¤² और 2 वरà¥à¤· से 5 वरà¥à¤· तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को 100 से 200 à¤à¤®à¤à¤² देना चाहिà¤à¥¤
शिशॠको ओआरà¤à¤¸ कैसे दें?
अब कई माता-पिता के मन में यह सवाल होगा कि शिशà¥à¤“ं को ओआरà¤à¤¸ कैसे दें। तो नीचे दी गई विधि के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° माता-पिता शिशà¥à¤“ं को ओआरà¤à¤¸ दे सकते हैं (5)। शिशà¥à¤“ं को ओआरà¤à¤¸ देने की विधि कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है:
सबसे पहले अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से साफ कर लें।
अब à¤à¤• साफ बरà¥à¤¤à¤¨ में 1 लीटर पीने का पानी उबालकर ठंडा कर लें।
अब à¤à¤• गिलास में पानी डालकर इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š ओआरà¤à¤¸ पाउडर या नमक और चीनी डालकर तब तक मिलाà¤à¤‚ जब तक कि ओआरà¤à¤¸ पूरी तरह से न घà¥à¤² जाà¤à¥¤
दो साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• चौथाई से आधा कप तक ओआरà¤à¤¸ घोल दिया जा सकता है। अगर बचà¥à¤šà¤¾ पानी की तरह मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करे तो हर बार बचà¥à¤šà¥‡ के
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने के बाद उसे ओआरà¤à¤¸ का घोल दें। हालांकि, बेहतर है इस दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पहले सलाह लें और उसी अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आगे की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को 24 घंटे में या 24 घंटे के बाद अगर फिर ओआरà¤à¤¸ देने की जरूरत हो तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि ओआरà¤à¤¸ का ताजा घोल तैयार करके बचà¥à¤šà¥‡ को दें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि बचà¥à¤šà¥‡ के वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ओआरà¤à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ अलग-अलग हो सकती है। लेख में आगे हम इसकी जानकारी à¤à¥€ साà¤à¤¾ कर रहे हैं।
लेख के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम बता रहे हैं शिशà¥à¤“ं को ओआरà¤à¤¸ की कितनी मातà¥à¤°à¤¾ दी जानी चाहिà¤à¥¤
शिशॠको ओआरà¤à¤¸ कितना पिलाना चाहिà¤?
शिशà¥à¤“ं को उनके वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ओआरà¤à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ दी जा सकती है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है कि हलà¥à¤•े डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में बचà¥à¤šà¥‡ को ओआरà¤à¤¸ 50 मिलीलीटर/किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® और लगातार दसà¥à¤¤ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 100 मिलीलीटर/किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® के हिसाब से दिया जा सकता है (6)। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को देखते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ओआरà¤à¤¸ देने की सही मातà¥à¤°à¤¾ का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकते हैं। नीचे हम वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ओआरà¤à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में तालिका के माधà¥à¤¯à¤® से बता रहे हैं (7)।
शिशॠका वजन (किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® में) मातà¥à¤°à¤¾ (मिलीलीटर में)
5 200-400
5-7.9 400-600
8-10.9 600-800
11-15.9 800-1200
16-29.9 1200-2200
30 या उससे अधिक 2200-4000
नीचे जानें कि शिशà¥à¤“ं को ओआरà¤à¤¸ की जरूरत कब पड़ सकती है।
शिशॠको ओआरà¤à¤¸ पिलाने की आवयशकता कब पड़ती है?
कà¥à¤› अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में बचà¥à¤šà¥‡ को ओआरà¤à¤¸ पिलाने की जरूरत हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शरीर से जरूरी ततà¥à¤µ जैसे कि इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ और पानी निकल जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर में इनकी मातà¥à¤°à¤¾ बनाठरखने के लिठओआरà¤à¤¸ जरूरी है। इसके अलावा निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर और इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने पर à¤à¥€ ओआरà¤à¤¸ जरूरी है। तो जानते हैं कि किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ को ओआरà¤à¤¸ देने की जरूरत हो सकती है (8) (5)।
बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ लगने पर ओआरà¤à¤¸ दे सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ यानी निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर ओआरà¤à¤¸ देने की जरूरत हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कमजोरी के लकà¥à¤·à¤£ या या चकà¥à¤•र आने की समसà¥à¤¯à¤¾ में ओआरà¤à¤¸ दें।
ओआरà¤à¤¸ के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सामानà¥à¤¯ तौर पर ओआरà¤à¤¸ का सेवन करने से कोई दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होते हैं, लेकिन कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में इसके सेवन के नà¥à¤•सान देखे गठहैं। तो ये नà¥à¤•सान कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (9):
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ असंतà¥à¤²à¤¨ (Electrolyte imbalance)
दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾
अपर गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² (Upper gastrointestinal) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
अगर ओआरà¤à¤¸ ठीक से न घà¥à¤²à¤¾ हो तो इसके सेवन से गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है।
अलà¥à¤¸à¤° का जोखिम।
पेट में दरà¥à¤¦à¥¤
सोडियम साइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और सिटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की अधिकता के कारण मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, डायरिया, काले मल की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
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